- महाकाल के पट खुले, भस्म से हुआ दिव्य श्रृंगार: सभा मंडप में स्वस्ति वाचन के बाद घंटी बजाकर ली गई आज्ञा
- तराना में दो दिन हिंसा और तनाव के बाद हालात सामान्य: आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ में बसें-कारें जलीं, 19 गिरफ्तार; पुलिस तैनाती जारी
- 77वें गणतंत्र दिवस के लिए उज्जैन तैयार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव फहराएंगे तिरंगा, कार्तिक मेला ग्राउंड में पहली बार होगा जिला स्तरीय आयोजन
- महाकाल मंदिर में शनिवार तड़के खुले पट, भस्म आरती में साकार रूप में दिए बाबा ने दर्शन
- बसंत पंचमी पर सांदीपनि आश्रम में विद्यारंभ संस्कार, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली में गूंजे पहले अक्षर
ट्रेन में चढऩे-उतरने को लेकर यात्रियों में विवाद
उज्जैन। प्लेटफार्म पर ट्रेन आने के दौरान यात्रियों के बीच चढऩे और उतरने को लेकर विवाद होते हैं, जिसका शिकार महिलाएं, बच्चे व वृद्ध भी हो जाते हैं। इस अव्यवस्था को दूर करने के लिये रेलवे पुलिस व आरपीएफ थाने स्टेशन पर मौजूद हैं लेकिन कोई भी अपने कार्य का ईमानदारी से पालन नहीं करते।
सुबह अहमदाबाद से दरभंगा जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से दो घंटे से अधिक समय लेट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 1 पर पहुंची। ट्रेन में पहले से ही अत्यधिक भीड़ थी और कई यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करना पड़ रही थी। ऐसे में ट्रेन के प्लेटफार्म 1 पर रुकते ही चढऩे और उतरने को लेकर यात्रियों के बीच विवाद होने लगा। इस विवाद का शिकार महिलाएं, बच्चे और वृद्ध भी हुए स्थिति यह हो गई कि लोग एक दूसरे को धक्का देकर गाली गलौज पर उतर आये।
हालांकि कुछ यात्रियों के ट्रेन से उतरने व महिलाओं को चढ़ाने के लिये रास्ता बनाने के बाद स्थिति शांत हुई। यह नजारा सिर्फ एक ट्रेन का नहीं बल्कि सभी ट्रेनों में देखने को मिलता है।
यात्री अपने स्तर पर ही ट्रेन में चढऩे व उतरने की जद्दोजहद करते हैं, जबकि इस व्यवस्था के लिये रेलवे प्रशासन द्वारा आरपीएफ थाने को जिम्मेदारी सौंपी गई है, यहां पदस्थ पुलिस अधिकारी व कर्मचारी थानों में बैठकर अपने काम निपटाते हैं लेकिन यात्रियों को होने वाली परेशानी से उनको कोई सरोकार नहीं रहता। इस संबंध में आरपीएफ टीआई हर्ष चौहान से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि अभी मीटिंग में हूं, मीटिंग से निपटने के बाद चर्चा कर पाऊंगा।